वन विभाग एवं राजस्व विभाग की कार्यवाही से नाराज दुकानदारों एवम ग्रामीणों ने किया चक्का जाम…

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पोल खोल पोस्ट सीधी देश की मोदी सरकार गरीब बेरोजगारों को गुमटियों ठेला के माध्यम से रोजगार देने की बात करती है मध्यप्रदेश की सरकार कहती है कि धनाड्य भूमाफिया अतिक्रमणकारियो को हटाने के निर्देश दिए हैं लेकिन टंसार गाँव मे सड़क के पचासे के किनारे छोटी छोटी दुकान रखकर जीविकोपार्जन कर रहे फुटपातियों को वन विभाग और राजस्व विभाग द्वारा नोटिस पर नोटिस दिया जा रहा था जिससे त्रस्त आकर सैकड़ो दुकान दारो ने ग्रामीणों के साथ प्रशासन को सूचना देने के बाद आज सुबह 7 बजे से आज वन विभाग और राजस्व विभाग के खिलाफ धरने पर बैठ गए ज्ञात हो ये सभी दुकानदारों ने अपनी अपनी दुकान हटाकर ,बन्द करके ग्रामीणों के साथ चक्का जाम हड़ताल में बैठ गए दुकानदारों का मानना है कि हम सभी दुकानदार आज 15 से 20 साल से अपने एवम अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे लेकिन ऐसा क्यों विभाग द्वारा अचानक कार्यवाही की गई सड़क के किनारे वन विभाग और राजस्व विभाग द्वारा हम फुट पाथियो को नोटिस पर नोटिस देकर रोजगार छीन लिया गया वहीँ ग्रामीणजनो का कहना था कि इन फुटपाथी दुकानदारों के हट जाने से हम लोगों को दैनिक आवश्यकताओं की वस्तुएं नही मिल पा रही है जबकि वन विभाग के अंतर्गत ही कई मकान बने हुए हैं उन पर क्यों कार्यवाही और नोटिस जारी नही किया गया ऐसे में विभाग की दोहरी नीति झलक रही है वन विभाग और राजस्व विभाग द्वारा दुकान हटाने और बन्द करने नोटिस कार्यवाही के बाद ग्रामीण और दुकानदार सड़क पर बैठ गए 2 बजे के बाद वन विभाग से विस्थापित दुकानदार और प्रतिनिधियों के साथ टंसार रेंज कार्यालय पहुँचकर गोमती हटाये जाने और अवैध बने मकानों के सम्बंध में चर्चा किये लेकिन वन विभाग के रेंजर राजीव रंजन ने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि सभी गोमती ,ठेला वन विभाग में ही आते थे इसलिए नोटिस जारी किया गया था वहीं बने मकानों के सम्बंध में कहा कि 3 मकानो का निर्णय न्यायालय में विचाराधीन चल रहा है न्यायालय से निर्णय आने के बाद ही वैधानिक कार्यवाही की जाएगी जबकि ग्रामीणों दुकानदारों की मांग थी कि जब गोमती वालों को हटा दिया गया है तो बने मकानों पर कार्यवाही क्यो नही सबके साथ बराबर न्याय होना चाहिए चक्का जाम आंदोलन में कांग्रेस के प्रवक्ता श्रीकांत शुक्ला ने दुकानदारों का समर्थन करते हुए कहा कि इन सभी सैकड़ो दुकानदारो को वन विभाग ने बेरोजगार कर दिया है दुकानों को उजाड़ दिया गया जो निदनीय और घृणित है राजस्व और वन विभाग इन दुकानदारों को क्यो हटा दिया जब वन विभाग अपनी सीमा सुरक्षित किये थे तब क्यो गोमती हटाया गया क्यो उजाड़ा गया विभाग को जवाब देना चाहिए इन दुकानदारों के आय के साधन को छीन लिया गया है आदिवासी सदैव जंगल की रक्षा किया है वहीँ गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के गेंदलाल सिंह ने कहा कि यह दुःखद की घड़ी है विभाग द्वारा जो यह कार्यवाही की गई है बहुत ही निंदनीय है जिस तरह से गोमती वालों को हटाया गया कई साल बीत गया पहले क्यों नही हटाया गया पचासे में सभी दुकानदार अपना एवम अपने परिवार का पेट पाल रहे थे वहीं जनपद सदस्य महिपत सिंह ने कहा कि जबसे प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है तभी से यह हाल हो रहा है पूरे प्रदेश में राजसी सरकार चल रही है संबोधन में दुकानदार प्रेमलाल जायसवाल ने कहा कि सड़क के किनारे जो लोग जीवकोपार्जन चला रहे थे हटा दिया गया आज वही दुकानदार 1-1 रुपये को मोहताज हैं अपने लड़को बच्चो को रोटी दे पाने में नाकाम हो गए हैं गरीबो की रोटी दाल छिन गयी ।

-इनका कहना है

हमने बने बिल्डिंगों को जो मुनारा के अंदर है उनके लिए आवेदन किये थे अगर बिल्डिंग 10 दिन बाद गिरेगी तो 9 दिन हम सभी ग्रामवासी उसी जगह पर फिर दुकान रखेंगे हम लोगो को कोई ऐसा आश्वाशन नही दिया गया जिससे हम ग्रामवासी संतुष्ठ हो आंदोलन चलता रहेगा
राजकुमार सिंह मूल निवासी टंसार –

छोटे छोटे दुकानदारों को बेदखल किया गया है जबकि सारी दुकानें वन सीमा से बाहर थी बगल में वनभूमि के अंदर मकान बने हुए हैं कोई कार्यवाही नही किया गया चौराहे से लेकर हायर सेकंडरी के आस पास की गोमतियो को नोटिस देकर दुकान बंद करवा दिया गया है हम आदिवासी बेरोजगार लोग कहां जाएं हम लोग यह आंदोलन मजबूरी में कर रहे हैं दुकानदार और ग्राहक भटक रहे हैं लोगों को सुविधाएं नही मिल पा रही हैं मेरी शासन प्रशासन से यही मांग है कि छोटे छोटे ठेला गोमती वालो को पुनः सुचारू रूप से उनका धंधा चलने दे और उसी जगह में गोमती रखवाई जाय।
-रावेंद्र सिंह मूलनिवासी

-छोटे छोटे गुमटियों ठेला वालों को भगाया जा रहा है यह कार्यवाही वन विभाग और राजस्व विभाग द्वारा की गई है हम लोंगो को जीविका चलाने में समस्या हो रही है हम लोगों के सामने तेल,नमक की समस्या हो गयी है 100 से अधिक दुकानदारों को बेरोजगार कर दिया गया जब बाजार ही नही तो हम समान खरीदने सीधी कुसमी जाएं।-
सुखलाल सिंह ग्रामीण

15 से 20 वर्षो से से गोमती में सिलाई मशीन रखकर कपड़े की सिलाई कर रहा था बार बार डरावने नोटिस देकर वन विभाग द्वारा नोटिस पर नोटिस देकर परेशान कर दिया अब कैसे लड़के बच्चो को पढ़ाएंगे कैसे परिवार चलाएंगे सभी दुकान पटरी पर ठेला लगाकर जीवकोपार्जन चला रहे थे गरीब और छोटे लोगों को ही क्या वन विभाग और राजस्व विभाग दिखाई दिया है ऐसा क्यों सताया जा रहा है कई दुकान दार ऐसे थे जिनके पास न तो जमीन है न ही किसी प्रकार के आय के दूसरे साधन नही है हम लोग गोमती रखने के बदले कई बार राजस्व आय भी दे चुके हैं फिर वन विभाग ने नोटिस देकर हटाने को मजबूर कर दिया।

रामबहादुर प्रजापति दुकानदार

हम लोगों के पेट मे लात मारा गया है अब हम और हमारे लड़के बच्चे कहा जाए 15 साल से छोटी सी दुकान रखे थे राजस्व जुर्माना भी दिया ।

गेंदलाल जायसवाल दुकानदार

अभी मकान वालो का प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है न्यायालय के निर्णय के बाद कार्यवाही की जायेगी निर्णय अगर वन विभाग के पक्ष में आएगा तो जे सी बी लगाकर अवैध मकानों को गिरा दिया जाएगा।

संजीव रंजन रेंजर टंसार

आंदोलनकारियों के बीच पहुँचे तहसीलदार,रेंजर

मौक़े पर कुसमी तहसीलदार लवलेश मिश्रा,रेंजर संजीव रंजन आंदोलन को समाप्त करने के लिए पहुँचे थे लेकिन ग्रामीण और दुकानदार अडिग रहे कि न्याय बराबर मिलना चाहिए हम दुकानदारों ग्रामीणों को जब तक न्याय नही मिलेगा आंदोलन चलता ही रहेगा।