चापलूसी से नहीं बुद्धिमानी से ही मिलता है प्रमोशन -ऑफिस में अच्छा बनने से नहीं मिलता प्रमोशन

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ब्रिस्टल । ताजे शोध में दावा किया गया है कि प्रमोशन चापलूसी से नहीं बुद्धिमानी से ही मिलता है। नौकरी पेशा लोग अक्सर इसी उधेड़-बुन में लगे रहते हैं कि ऑफिस में कैसे रहें कि उन्हें तरक्की मिले। अपने सहकर्मियों से अच्छा व्यवहार करें, या बॉस के यस मैन बन रहें या फिर समझदारी से अपने काम को अंजाम देते रहें। इसका कोई सटीक फॉर्मूला तो नहीं है, लेकिन एक अध्ययन में कहा गया है कि ऑफिस में अच्छा बनने से प्रमोशन नहीं मिलता है। यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल, मिन्नसोटा और हीडलबर्ग के विशेषज्ञों ने अपने हालिया अध्ययन में यह दावा किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बुद्धिमानी का सफलता पर गहरा प्रभाव होता है, न कि अच्छे व्यवहार का। शोधकर्ताओं का कहना है कि दूसरों के लिए अच्छा बनने और अच्छा काम करने का व्यवहार कुछ समय के लिए ही फायदा पहुंचा सकता है। इसके विपरीत ऐसे लोग जिन्होंने दूसरों के प्रति कम अच्छा व्यवहार किया मगर समझदारी से काम, उन्हें लंबी अवधि में अधिक फायदा मिला। यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल में डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक्स में प्रोफेसर यूजीन प्रोटो का कहना है कि हम यह देखना चाहते थे कि कैसा बर्ताव हमें अधिक सफल बना सकताहे। शोधकर्ताओं का कहना है कि समाज हो या काम करने की जगह, वहां लोगों को जोड़कर तभी रखा जा सकता है जब लोग स्मार्ट होंगे। उनमें अपने साथ-साथ दूसरों के लिए भी समय होगा। ताजा शोध के बाद यह साबित हो गया है कि प्रमोशन चापलूसी से नहीं बुद्धिमानी से मिलता है। अब लोग यह नहीं कहेंगे कि फलां ने चापलूसी से प्रमोशन पा लिया।