भू-माफियाओं का स्कूल के जमीन पर अवैध कब्जा,शासकीय जमीनों का फर्जी पट्टा बनवाकर लाखों में कर दी बिक्री,एडीएम ने दिया एफआईआर दर्ज करने के आदेश…

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पोल खोल पोस्ट। सीधी प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है जहां भू-माफियाओं समेत अन्य माफिया तथा गुंडों को 10 फीट नीचे जमीन में गाड़ने की बात करते हैं लेकिन प्रशासन की नाक के नीचे भू-माफिया ने स्कूल के जमीन को अतिक्रमण कर लिया है लेकिन खंड प्रशासन सब कुछ देखकर भी अंजान बना हुआ है। बात यहीं पर नहीं रुकी है मध्य प्रदेश शासन की जमीनों का वकायदे पट्टा भी बन गया है। पूरा मामला सामने आते ही हड़कंप मच गया है वहीं अपर कलेक्टर ने जांच कर कार्रवाई का आदेश दिए हैं।

ये है पूरा मामला
जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर मझौली विकासखंड के ग्राम पंचायत नदहा अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय का है। जहां आराजी नंबर 332 शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय नदहा की जमीन 1 एकड़ 33 डिसमिल है लेकिन भू-माफिया ने पूरे स्कूल की जमीन को अवैध कब्जा करते हुए जुताई करवाकर बुवाई शुरू कर दिया है। जहां स्कूल की जमीन नाम मात्र की रह गई है। वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि स्कूल के पीछे आराजी नंबर 333 रामप्रताप रमाकांत वगैरा की जमीन है जहां स्कूल की जमीन को अतिक्रमण कर लिया हैं।

बनवा लिया जालसाजी पट्टा
ग्रामीणों ने बताया कि सन 1998- 99 बंदोबस्त के दौरान हुकुमचंद नामक एक पटवारी शंभू प्रसाद गुप्ता, सीता प्रसाद गुप्ता पिता शंभू प्रसाद गुप्ता के घर में रहा करता था जहां उक्त पटवारी ने भू-माफियाओं को इनाम के तौर पर फायदा पहुंचाने के लिए टिकरी मझौली रोड से सटा हुआ भूखंड पूर्व में 43 नंबर मध्यप्रदेश शासन की जमीन को आराजी नंबर 333 नंबर में जोड़ दिया है। उल्लेखनीय है मध्यप्रदेश शासन की जमीन आराजी नंबर पूर्व में 43 भूस्वामी सत्यनारायण गुप्ता की जमीन से सटकर मझौली टिकरी रोड के किनारे से पुलिया तक थी लेकिन जालसाजी करते हुए 43 नंबर की आधी जमीन को पटवारी की मिलीभगत मध्यप्रदेश शासन की जमीन को गायब करते हुए  333 नंबर मे कन्वर्ट किया गया है। जहां आराजी नंबर 43 मध्यप्रदेश शासन की जमीन नाम मात्र की रह गई है। वहीं आराजी नंबर 333 जो ग्रामीणों के बताए अनुसार 42 या 62 डिसमिल थी वो आज कई एकड़ में बदल चुकी है। बताया गया कि आराजी नंबर 334 नदी है जो जालसाजी पट्टा बनवाते हुए आधी नदी को भी दबाकर 333 नंबर बना दिया गया है। वहीं भू-माफिया के द्वारा मध्यप्रदेश शासन के जमीन आराजी पूर्व में नंबर 43 फर्जी पट्टा बनवाते हुए जमीन बिक्री भी करना शुरू कर दिया है जहां उक्त जमीन को एक व्यापारी को  विक्रय भी की गई है। वहीं आधी जमीन राम राज साहू को लाखों में बेची गई है तथा और जमीन बेचने की प्रक्रिया जारी है। बंदोबस्त के दौरान मध्यप्रदेश शासन की जमीनों को अवैध तरीके से पट्टा बनवा कर जमीनों को बेची जा रही है लेकिन प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है जिससे माफियाओं का हौसला बुलंद है।

इनका कहना है
यह मामला मेरे संज्ञान में आया है मैं तुरंत एसडीएम को निर्देशित करता हूं। वो जांच करेंगे और ऐसा जालसाजी कर फर्जी पट्टा बनवाने वालों के खिलाफ तथा शासकीय जमीन को क्रय विक्रय करने वालों के पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। हर्षल पंचोलीअपर कलेक्टर, सीधी