भ्रांतियों को करें दूर, टीका लगवाएएं जरूर: डॉ. नागेंद्र दुबे,जिले में 16 से शुरू होगा कोविड वैक्सीनेशन का कार्य…

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पोल खोल पोस्ट। सीधी जिला टीकाकरण अधिकारी सीधी डॉ नागेंद्र बिहारी दुबे द्वारा जानकारी दी गई कि जिले में 16 जनवरी से शासन के निर्देशानुसार कोविड वैक्सीनेशन का कार्य शुरू किया जा रहा है। लेकिन कोविड-19 वैक्सिन को लेकर बहुत सारी भ्रांतियां हमारे बीच में व्याप्त हैं। इसलिए इन भ्रांतियों को दूर करना आवश्यक है। डॉक्टर दुबे ने बताया कि पहले तो कोरोना को हराने के लिए टीके का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था अब टीका आया तो इसे लेकर भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। जब भी कोई नियामक एजेंसी किसी टीके के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी देती है तो सबसे पहले टीके से सुरक्षा को ही ध्यान में रखा जाता है। नियामक एजेंसी ने काफी दिनों तक यह परखने के बाद ही इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी है इसलिए लोगों को टीके पर विश्वास करना चाहिए। एम्स में स्वदेशी टीके के ट्रायल के प्रमुख इन्वेस्टिगेटर और कम्युनिटी मेडिसिन के विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ संजय कुमार राय ने यह बात कही है। उन्होंने बताया कि अभी तक फेज 1 व फेज 2 के परीक्षण परिणाम मौजूद है इसमें सिर्फ 10 फ़ीसदी लोगों में इंजेक्शन देने की जगह पर दर्द, हल्का बुखार व शरीर में दर्द हुआ जो खुद ठीक भी हो गए। 90 फ़ीसदी लोगों को कुछ भी नहीं हुआ एक भी व्यक्ति को गंभीर दुष्प्रभाव नहीं पड़ा। विदेश में इस्तेमाल हो रहे एमआरएनए तकनीक से विकसित टीकों का कुछ लोगों पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ने की बात सामने आई है। आप खुद गौर कीजिएगा जब कभी शिशु को भी कोई टीका लगता है तो उसको भी एकाध दिन बुखार या शरीर में दर्द जैसे सामान्य लक्षण होते हैं। कोई भी टीका 100 फ़ीसदी साइड इफेक्ट रहित नहीं हो सकता, अगर 100 फीसदी साइड इफेक्ट रहित है तो वह टीका नहीं है। उन्होंने बताया कि अगर किसी टीके से गंभीर दुष्प्रभाव का खतरा रहता है तो उसे कुछ जरूरी सावधानियों के साथ इस्तेमाल किया जाता है। डॉ. संजय राय के मुताबिक टीके से हार्मोनल बदलाव जैसी बातें भी निराधार हैं। पोलियो टीकाकरण अभियान के दौरान भी एक वर्ग विशेष में यह अफवाह फैलाई गई थी जिसका सच बाद में लोगों ने अपनाया। कोरोना का टीका जान बचाने में अहम भूमिका साबित करेगा इसलिए कोविड-19 के दोनों डोज लगवाना जरूरी है। कोविड नेशन वैक्सीनेशन को लेकर विभाग ने सुरक्षा और जांच के लिए भी अंतिम तैयारियां पूरी करते हुए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग में सामंजस्य बनाकर टीकाकरण केंद्रों पर सुरक्षा और मरीजों की जांच आदि के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही टीकाकरण के दौरान यदि किसी मरीज की हालत बिगड़ती है तो तत्काल टीके की शीशी को सील कर निर्धारित दिशानिर्देशों के मुताबिक जांच करने को कहा गया है। इस संबंध में पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी किया गया है। स्वास्थ्य एवं पुलिस के अधिकारी कर्मचारियों को एसओपी के बारे में ठीक तरीके से अवगत कराया गया है ताकि उसी अनुरूप जांच अधिकारी गंभीरता पूर्वक काम करें।