संविदा कर्मचारीद्वारा पत्नी को कागजों में विधवा बनाकर सरकारी योजना के जरिए दो लाख रूपए ऐंठने की कोशिश का मामला

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मामला

ग्वालियर-
खुद की पत्नी को कागजों में विधवा बनाकर सरकारी योजना के जरिए दो लाख रूपए ऐंठने की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोपी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में संविदा कर्मचारी था जिसने प्रदेश सरकार की कल्याणी विवाह योजना के तहत दो लाख रूपए का लाभ लेने के लिए पत्नी को विधवा महिला बता दिया। यह आवेदन जब विभाग के पास आया तो हस्ताक्षरों पर शक हुआ और आवेदन की जांच शुरू कराई। आवेदनकर्ता का नाम देख अधिकारी समझ गए कि यह तो उनके ही विभाग का पूर्व कर्मचारी है। जांच पूरी हुई तो पता चला कि जिस महिला को वह विधवा बता रहा है वह उसकी पत्नी है और शादी 2014 में हुई थी। विभाग ने मामला दर्ज करने के लिए एसपी व संबंधित थाने को मामला भेज दिया है।

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार भीमशरण पुत्र गुलाब राव गौतम निवासी लक्ष्मीगंज पहले सामाजिक न्याय विभाग में संविदा कर्मी था। यह भीमशरण पहले भी कई मामलों में विवादों में रहा और बार बार इसके नाम सामने आए। विभाग से संविदा नियुक्ति करार खत्म होने के बाद यह चला गया। प्रदेश सरकार की विधवा महिलाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही कल्याणी विवाह योजना में दो लाख रूपए की सहायता महिला को दी जाती है। यह राशि उसे मिलती है जो विधवा महिला से शादी करता है। इसी सहायता को हड़पने के लिए भीमशरण ने तानाबाना बुना और 2018 में आवेदन कर दिया। इस आवेदन की जांच में मामला पकड़ गया।

फर्जी मृतक अशोक कुमार बनाया,दस्तावेज भी

इस मामले में भीमशरण गौतम ने अपनी ही पत्नी को पहले दूसरी पत्नी बताया,विधवा होने पर शादी करना बताया। पहले अशोक कुमार नाम के व्यक्ति का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया जिसे पत्नी का स्वर्गीय पति बताया।

कठघरे में विभाग

यहां नगर निगम और सांख्यिकी विभाग कठघरे में है। पहली पत्नी को दूसरी बताकर शादी का सर्टिफिकेट बनवाया, पत्नी का स्वर्गीय पति एक व्यक्ति को बताकर उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया। विभाग के बाबू क्या देखते रहे जो एक के बाद एक फर्जी दस्तावेज बना बैठे।

फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है

भीमशरण गौतम नाम के व्यक्ति ने पत्नी को ही विधवा महिला बताकर उससे शादी करना बताया और कल्याण विवाह सहायता योजना के तहत 2 लाख रूपए लेने का आवेदन किया। जांच में मामला फर्जी निकला है। पुलिस को एफआईआर के लिए भेज दिया गया है।

राजीव सिंह,ज्वाइंट डायरेक्टर,सामाजिक न्याय विभाग