चित्र, मुखौटे, रंगोली, खेलकूद से बच्चों ने बांटी खुशियां

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भोपाल उमरिया जिले के अकाशकोट अंचल के दस्तक बाल समूह से जुड़े बच्चों ने अंतर्राष्ट्रीय बाल अधिकार दिवस पर जीवन जीने के लिए स्वच्छ पानी को महत्वपूर्ण बताते हुए अपने गांव में जल संरचनाओं को मजबूत बनाने को जरूरी बताया वहीं सतना मझगवां के दस्तक बाल समूह ने बाल धमाल , रंगोली और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कोरोना से बचाव एवम पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।  हरियाली से खुशहाली का बच्चे दे रहे संदेश – पन्ना जिले में वनवासियों व पत्थरखदान मजदूर परिवार से जुड़े बच्चों ने परम्परागत खेलों और दीवार चित्र के जरिये जैव विविधता को लेकर चर्चा की।

 

रीवा जिले के डभौरा में हरियाली से खुशहाली और बाल अधिकारों को लेकर सामूहिक खेल खेलने चित्र बनाने व अबकी दीवाली बच्चों की खुशहाली स्लोगन के साथ रंगोली आर्ट की गतिविधि व्यापक पैमाने पर की गई।
विकास संवाद समिति द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम के तहत आदिवासी अंचल के बच्चों को कोरोना से बचाव एवम उनके पर्यावरणीय , जीवन , सुरक्षा, विकास और सहभागिता के अधिकार से जुड़ी जानकारियां प्रदान की गई। इस मौके पर बच्चों ने सामूहिक खेल खेले और चित्र एवम मुखौटे के जरिये जैव विविधता से जुड़े जीव जंतुओं के महत्व को जाना गया। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता रामकुमार विद्यार्थी , बीरेंद्र गौतम, प्रतीक भाई , रामनरेश , यूसुफ बेग, मस्तराम, अजय यादव , राजेश भदौरिया, आरती शर्मा, अंजली आचार्या, फरहत नशीं, विशम्भरनाथ त्रिपाठी , राकेश मालवीय आदि जनों की विशेष भूमिका रही है।