मध्य प्रदेश के सिंगरौली में जुए का फड़ बना है चर्चा का विषय, किसका संरक्षण मिला हुआ है ?

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जुए के फड़ में नाल किसे कहते है ?

(फणीन्द्र सिन्हा की खास रिपोर्ट)
सिंगरौली कार्यालय

सिंगरौली। जुए का खेल अक्षक्रीड़ा या अक्षद्यूत के नाम से विख्यात है। वेद के समय से लेकर आज तक यह भारतीयों का अत्यंत लोकप्रिय खेल रहा है। ऋग्वेद के एक प्रख्यात सूक्त (10।34) में कितव (जुआड़ी) अपनी दुर्दशा का रोचक चित्र खींचता है कि जुए में हार जाने के कारण उसकी भार्या तक उसे नहीं पूछती, दूसरों की बात ही क्या ? वह स्वयं शिक्षा देता है।

हमारे देश में जुआ खेलना सामाजिक बुराई मानी जाती है और सरकार ने भी इस पर पाबंदी लगा रखी है। बहरहाल हम आप को बताते चले की मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के मोरवा इलाके के झिंगुरदा के जंगलो में इन दिनों भरी पैमाने पर जुए का फड़ लग रहा है जो की झिंगुरदा के जंगलो में लगभग तीन जगहों पर जुए का फड़ लग रहा है जबकि इन तीनो जुए के फड़ पर एक हसन नमक व्यक्ति की पैनी नज़र रहती है कौन आ रहा है और कौन जा रहा है वही आपको बताना चाहेंगे की हसन नमक जो व्यक्ति है जुआड़ियों का मास्टर माइण्ड है अभी कुछ दिन पहले मोरवा थाने में जुआ में पकड़ाया भी था आपको बताते चले की ये जो हसन नमक व्यक्ति है इसके ऊपर कई थानों में सिर्फ जुआ एक्ट के लगभग आधा सैकड़ा प्रकरण दर्ज़ है लेकिन किसी को यह बात नहीं समझा में आ रही है की इतनी कारवाही के बाद भी इतने बड़े पैमाने पर जुए का फड़ कैसे चल रहा है जबकि मोरवा,बैढ़न,जयंत से सटे सोनभद्र में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। बने भी क्यों न क्यों की इस जुए के फड़ में उत्तरप्रदेश,छत्तीसगढ़,झारखण्ड आदि जगहों से लोगो जुआ खेलने आते है।

सूत्र बताते है की बैढ़न का एक व्यक्ति दस लाख लेकर गया था खेलने इस जुए का फड़ ?

इस जुए के फड़ पर नाल निकली जाती है आखिर क्यों निकलते है नाल इसमें किसका-किसका हिस्सा होता है और जुए के फड़ में नाल किसे कहते है इसका खुलासा होगा जल्द आप देखते रहे पोल खोल पोस्ट